प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने कोलकाता स्थित धन-धान्य सभागार में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर समारोह आयोजित किया। पश्चिम बंगाल सरकार ने मई 2026 में इस योजना को लागू करने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की तीसरी वर्षगांठ के अवसर पर केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी, केंद्रीय एमएसएमई राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे, पश्चिम बंगाल सरकार के एमएसएमई एवं वस्त्र मंत्री दीपक बर्मन तथा एमएसएमई एवं वस्त्र राज्य मंत्री अशोक डिंडा ने विश्वकर्मा कारीगरों की समृद्ध पारंपरिक कला एवं शिल्पकला को प्रदर्शित करने वाली एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस प्रदर्शनी ने पश्चिम बंगाल के विश्वकर्माओं को अपनी पारंपरिक शिल्पकला और उद्यमशीलता कौशल को प्रदर्शित करने के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।
केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी द्वारा 17 सितंबर 2023 को शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य कौशल प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराना, ऋण और बाजार सहायता के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को सशक्त बनाना है। उन्होंने बताया कि पीएम विश्वकर्मा के तहत 30 लाख लाभार्थी पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें से लगभग 24.50 लाख को बुनियादी कौशल प्रशिक्षण प्राप्त हो चुका है। इंडिया पोस्ट के माध्यम से 18.15 लाख आधुनिक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि 6.18 लाख विश्वकर्मा लाभार्थियों को 5 प्रतिशत प्रति वर्ष की रियायती ब्याज दर पर 1 लाख रुपए तक का ऋण दिया गया है, जिसकी कुल राशि 5,297 करोड़ रुपए है।

प्रकाशित: शुक्रवार, 18 सितंबर 2026 | 12:42 PM IST
